एम4पीन्यूज

भारत समेत दुनियाभर के 100 देशों में इतिहास का सबसे बड़ा साइबर अटैक हुआ है। इसकी शुरुआत शुक्रवार को यूके की नेशनल हेल्थ सर्विस से हुई। यूके के कई हॉस्पिटल्स में कम्प्यूटर्स और फोन बंद हो गए। इसके बाद कई देशों में अस्पतालों, बड़ी कंपनियों और सरकारी दफ्तरों की वेबसाइट्स पर अटैक हुआ। इसे रैनसमवेयर अटैक कहा जा रहा है। यह ऐसा वायरस है जिससे डाटा लॉक हो जाता है। उसे अनलॉक करने के लिए हैकर्स बिटकॉइंस या डॉलर्स में रकम मांगते हैं। इस घटनाक्रम से अब तक दो चीजें साफ नहीं हो सकी हैं। पहली- भारत में कितनी कंपनियों या सरकारी दफ्तरों पर इसका असर पड़ा है? दूसरा- महज 300 डॉलर या बिटकॉइंस के लिए इतना बड़ा साइबर अटैक क्यों हुआ?

सबसे पहले अटैक और हमले के लिए इस्तेमाल हुआ…
साइबर अटैक की सबसे पहले रिपोर्ट स्वीडन, ब्रिटेन और फ्रांस ने की। रूस और ताइवान ने कहा है कि इस अटैक के चलते स्थिति और खराब हो सकती है।
साइबर अटैक के लिए वानाक्राई या वानाक्राई डिक्रिप्टर का इस्तेमाल किया गया। इसे रैनसमवेयर के नाम से भी जाना जाता है। वानाक्राई एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है। अगर इसे आपके कम्प्यूटर सिस्टम में डाल दिया जाए तो यह आपका डाटा लॉक कर देगा। जिन भी लोगों या कंपनियों के कम्प्यूटर में ये प्रोग्राम गया, उनका डाटा लॉक हो गया।

भारत समेत 100 देशों में साइबर अटैक से मची खलबली, हैकर्स ने मांगी फिरौती

भारत समेत 100 देशों में साइबर अटैक से मची खलबली, हैकर्स ने मांगी फिरौती

कहां-कितना असर और हैकर्स की डिमांड :
हैकर्स ने इसे अनलॉक करने के लिए 300 बिटकॉइन की डिमांड रखी। एक कंपनी ने कहा कि कुछ घंटों के अंदर दुनियाभर में 75 हजार अटैक होने की बात सामने आई। वहीं, मालवेयरटेक के एक ट्रैकर के मुताबिक, बीते 24 घंटों में 1 लाख सिस्टम पर असर पड़ा है। कास्पर्स्की लैब के सिक्युरिटी रिसर्चर्स का कहना है कि 99 देशों में 45 हजार से ज्यादा साइबर अटैक किए गए। इनमें भारत, ब्रिटेन, रूस, इटली, चीन, यूक्रेन और मिस्र शामिल हैं। वहीं, स्पेन की कई बड़ी टेलि-कम्युनिकेशन कंपनियां इनफेक्टेड हो गई।

सबसे ज्यादा कहां हुआ असर ? :
साइबर अटैक से ब्रिटेन में सबसे ज्यादा असर पड़ने की बात कही जा रही है। इसके चलते हॉस्पिटल्स को बंद करना पड़ा। ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) ने साफ किया जब तक इमरजेंसी न हो, पेशेंट हॉस्पिटल न आएं।

टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑफिशियल्स ने बताया- कम्प्यूटर पूरी तरह हैक होने की वजह से एक्स-रे इमेज, पैथोलॉजी टेस्ट रिजल्ट्स, फोन और ब्लीप सर्विस के साथ पेशेंट्स एडमिनिस्ट्रेशन सर्विस पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है।

हैकर्स ने कब तक का वक्त दिया? :
अभी ये क्लियर नहीं है कि ये रकम ब्रिटेन की पूरी नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के लिए मांगी गई है, या किसी एक हॉस्पिटल के लिए, या फिर एक कम्प्यूटर के लिए। डेली मेल यूके के मुताबिक, कम्प्यूटर स्क्रीन पर दिखने वाले पॉपअप मैसेज में एक काउंटडाउन भी शो हो रहा है। इसमें फिरौती देने के लिए हैकर्स ने अगले शुक्रवार तक का वक्त दिया है।

भारत समेत 100 देशों में साइबर अटैक से मची खलबली, हैकर्स ने मांगी फिरौती

भारत समेत 100 देशों में साइबर अटैक से मची खलबली, हैकर्स ने मांगी फिरौती

रेनसमवेयर से अटैक
यूएस कम्प्यूटर इमरजेंसी रेडीनेस टीम (USCRT) के मुताबिक, ‘वानाक्राई रेंसमवेयर’ वायरस ने कई देशों में हिट किया है। हालांकि, इससे कितने देशों पर असर पड़ा है, इसके बारे में पता नहीं लग पाया है। बता दें कि रेनसमवेयर एक तरह का सॉफ्टवेयर है जो कम्प्यूर को इन्फेक्ट करता है। ये यूजर को तब तक एक्सेस नहीं करने देता, जब तक कि आप उसे खोलने के लिए पैसे न चुकाएं।

लंदन, ब्लैकबर्न, नॉटिंघम, कम्ब्रिया और हर्टफोर्डशायर के हॉस्पिटल्स पर साइबर अटैक की रिपोर्ट है। फोन और आईटी सिस्टम बंद कर दिया गया है। डॉक्टरों को कागज-पेन का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। साइबर अटैक को देखते हुए डॉक्टरों ने पेशेंट्स के सारे अप्वाइंटमेंट कैंसल कर दिए।

ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) ने कहा है कि इस मसले को हल करने की कोशिशें जारी हैं। NHS की तरफ से जारी एक स्टेटमेंट में कहा गया है कि आईटी एक्सपर्ट्स समस्या को जल्द से जल्द सुलझाने की कोशिशें कर रहे हैं। नेशनल साइबर सिक्युरिटी सेंटर पर भी नजर रखी जा रही है।

Recommend to friends
  • gplus
  • pinterest

About the Author

Leave a comment