सी एम् के शाही शहर में कुत्तों का कहर

|एल आर गाँधी

सुबह की सैर से लौटे , ज्यों ही अपने गरीब खाने में दाखिल हुए , एक सुनामी सी बरपा थी ! मदर इण्डिया झाड़ू हाथ में लहराए ‘केजरीवाल ‘बनी घूम रहीं थी। बर्तनों का ढेर देखते ही हम समझ गए,  कमला आज नहीं आयी ! दर्याफ्त किया तो मालूम हुआ की ‘काकी ‘ को कुत्ते ने काट लिया ! कुत्ता पागल था ! एक मैडम को भी काटा। उसका तो घुटने का पूरा माँस ही नोच खाया। खैर मैडम की गाडी में लोग दोनों को माता कौशल्या अस्पताल ले गए। डाक्टर ने टीका लगा कर राजेन्द्रा अस्पताल रैफर कर दिया।

मैडम ने मोबाईल पर कमला से बात की तो वह बेज़ार रोए जा रही। बोली मैडम ये तो दस हज़ार का टीका लाने को बोल रहे हैं ,मेरे पास तो दस रूपए भी नहीं। एक हज़ार की पगार वाला गरीब क्या करे ! खैर उसे रोती देख डाक्टर को दया आ गई, तो बाजार से हज़ार रूपए का टीका मंगवा कर लगा दिया !
वज़ीर ए आला के सेहत संभाल मंत्री जी का दावा है कि कैंसर और रैबीज़ का खैराती दवाखानों में मुक़्क़मल इलाज़ ‘फ्री ‘ है। अजी यहाँ तो अमले को खैरात के लाले पड़े हैं ! कुत्तों को कौन देखे ! खज़ाना तो पहले ही खाली हुआ जा रहा है। वज़ीरो के बंगलों की लीपापोती। एक पर एक करोड़ का खर्चा। 19 ओ एस डीज़ को वज़ीरी सुविधा। मंत्रियों , संतरिओं , अफसरों और ‘आपनों ‘ के लिए गाडिओं के काफिले।
क्रप्ट कार्पोरेशनों की उदासीनता के चलते आवारा पशुओं और कुत्तों की ‘बागों ‘के शाही शहर में बाढ़ सी आ गई है। आवारा गायों को बसाने को काउ सेस लिया जाता है  कार्पोरेशन की माली हालत इस कदर खस्ता थी  कि अमले को खैरात ‘ काउ सेस ‘ में से देनी पड़ी।  हम दो- हमारे आठ के चलते ‘श्वान संख्या ‘ दिन दुगनी रात चौगनी की गति से बढ़ रही है।
भूरी का पैर फिर से भारी है ! कालू , भूरू और भूरी की दिन रात की ‘मशक्कत ‘ के चलते भूरी पांचवी बार पेट से है।  जल्द ही देवी जी चबूतरे पर कटोरे में दूध की मिक़्दार बढ़ा देंगीं, नए मेहमान जो आने वाले हैं  और वह भी एक-दो नहीं ,पूरे छह से आठ। भूरी की भी बलाई से चुपड़ी रोटियां बढ़ जाएंगी। पिल्लों को दूध जो पिलाना है।  यूँ ही यह संख्या बढ़ती रही ,तो वह दिन दूर नहीं जब हर पटियालवी के पीछे एक ‘ आवारा ‘ खड़ा होगा ! लोग इनसे पूछ कर घर से निकल पाएंगे ! पूछेंगे ! भई कौन पागल है और कौन ठीक ठाक ?
अब कुत्तों को कौन समझाए ! वे तो यह भी नहीं समझते कि जिन लोगों को वे काटते हैं वे शाही शहर पटियाला के वोटर हैं जिन्होंने वज़ीर ए आला और सेहत संभाल मंत्री को ‘चुना ‘ है। 

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