दावा 1.12 लाख करोड़ रुपए निवेश का, हुए महज 3782.65 करोड़ रुपए
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– 2015 के पंजाब इन्वेस्टर्स सम्मिट की हकीकत

– इन्वेस्टर्स सम्मिट में करीब 391 निवेशकों ने सरकार से साथ 1.12 लाख करोड़ रुपए के निवेश का एम.ओ.यू. किया था साइन

एम4पीन्यूज।चंडीगढ़:

कभी चीन तो कभी दुबई की यात्रा करने वाले निवेशक ढूंढने वाले उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल घर यानी पंजाब आए निवेशकों को ही रिझाने में असफल साबित हो रहे हैं। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2015 में पंजाब इन्वेस्टर्स सम्मिट के दौरान सरकार ने प्रदेश में 1.12 लाख करोड़ रुपए का निवेश का दावा किया था, उसका उसका 10 फीसदी हिस्सा भी अब तक प्रदेश में निवेश नहीं हो पाया है। 2015 में हुए पंजाब इन्वेस्टर्स सम्मिट में करीब 391 निवेशकों ने सरकार के साथ मैमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग साइन कर निवेश का दावा किया था लेकिन अब तक महज 42 निवेशकों ने ही निवेश में रूचि दिखाई है।25chd29

कभी चीन तो कभी दुबई की यात्रा करने वाले निवेशक ढूंढने वाले उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल घर यानी पंजाब आए निवेशकों को ही रिझाने में असफल साबित हो रहे हैं। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2015 में पंजाब इन्वेस्टर्स सम्मिट के दौरान सरकार ने प्रदेश में 1.12 लाख करोड़ रुपए का निवेश का दावा किया था, उसका उसका 10 फीसदी हिस्सा भी अब तक प्रदेश में निवेश नहीं हो पाया है। 2015 में हुए पंजाब इन्वेस्टर्स सम्मिट में करीब 391 निवेशकों ने सरकार के साथ मैमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग साइन कर निवेश का दावा किया था लेकिन अब तक महज 42 निवेशकों ने ही निवेश में रूचि दिखाई है।आंकड़ों पर नजर डालें तो सम्मिट में 1.12 लाख करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा के विपरीत जुलाई 2016 तक महज 3782.65 करोड़ रुपए का ही निवेश हो पाया है। खास बात यह है कि जिन कंपनियों ने निवेश भी किया है, उन्होंने काफी कम धनराशि निवेश की है। निवेशकों की सूची पर नजर डालें तो जिन 42 कंपनियों ने निवेश में रूचि दिखाई है, उन कंपनियों ने पंजाब सरकार के साथ प्रदेश में 8384.06 करोड़ रुपए के निवेश को लेकर एम.ओ.यू. साइन किया था लेकिन अब तक इसकी आधी धनराशि भी निवेश की शक्ल अख्तियार नहीं कर पाई है।
सूची में कई कंपनियों ने तो सरकार के साथ एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के एम.ओ.यू. साइन किए थे लेकिन निवेश के दौरान यह धनराशि केवल 11-12 करोड़ रुपए तक सिमट कर रही गई है। वहीं, सम्मिट की बात करें तो सरकार ने कई कंपनियों के साथ 1000 करोड़ रुपए से 8200 करोड़ रुपए तक एम.ओ.यू. साइन करने की घोषणा की थी। सरकार ने दावा किया था कि पंजाब उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां निवेशक ज्यादा से ज्यादा निवेश को तव्वजो दे रहे हैं। उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने तो 2015 के सम्मिट के सबसे सफल इन्वेस्टर्स सम्मिट करार दिया था।

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