बजट 2017- उद्योग जगत उम्मीदों में, यूं अलग होगा इस बार आम बजट!
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एम4पीन्यूज।दिल्ली 

आम बजट 2017 के पेश होने में कुछ ही समय बचा है। ऐसे में हर किसी की निगाहें आम बजट 2017 पर लगी हुई हैं। वहीं इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को भी बजट से ख़ास उम्मीदें है। वित्त वर्ष बजट 2017-2018 का बजट 1 फरवरी को पेश होना है। वित्त मंत्री अरुण जेटली सुबह करीब 11 बजे सदन में देश का 84वां बजट पेश करेंगे। लेकिन इस बार का बजट अब तक पेश हुए बाकी बजट की तुलना में कुछ अलग होगा।

 

केंद्रीय बजट क्या होगा, इसका सीधा असर हमारे-आपके घरेलू बजट पर पड़ता है. इस बार आम बजट पर आम आदमी से लेकर उद्योग जगत की पेशानी पर हर बार के मुकाबले कुछ अधिक बल हैं. दरअसल, इसकी वजह सरकार द्वारा पिछले कुछ समय में लिए गए गंभीर और बड़े कदम हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर 2016 को 500 रुपए और 1000 रुपए के नोटों को अमान्य घोषित करने (विमुद्रीकरण) के ऐलान के बाद से लेकर जो आपाधापी शुरू हुई है, वह अभी तक जारी है. नोट बैन ने न सिर्फ आम आदमी पर असर डाला बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की पटरी को भी हिलाकर रख दिया है. जाहिर है कि बजट 2017 में मोदी सरकार का फोकस आमजन को राहत देने और भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अपेक्षाकृत सुस्त होने के अनुमान को पाटने पर होगा.

 

नए अंदाज, नए कलेवर में बजट आपके लिए क्या लाएगा यह देखने वाली बात होगी। अभी देखते हैं कि कैसे अलग है इस बार का बजट और कैसे इतिहास लिखने की तैयारी में है वित्त वर्ष 2017-2018 का बजट।

 

वित्तीय वर्ष 2017-2018 की ख़ास बातें :
– इस बार बजट 1 फरवरी को पेश किया जाना है अब तक यह बजट फरवरी के आखिरी हफ्ते में अंतिम कार्यकारी दिन में पेश किया जाता है।
– इस बार के बजट में रेल बजट अलग से पेश नहीं होगा और यह आम बजट में ही शामिल किया जाएगा और इसी के साथ 92 साल से चल रही रेल बजट की प्रथा समाप्त हो जाएगी।
– पहली बार वित्त मंत्रालय पेपरलेस बजट पेश करने की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक इस बार बजट सर्कुलर की हार्ड कॉपी नहीं होगी। इसके अलावा सभी दस्तावेज यूनियन बजट इन्फर्मेशन सिस्टम यानि की यूबीआईएस के जरिए दिए जाएंगे।
– वित्त मंत्रालय 31 मार्च या 14 अप्रैल तक बजट प्रक्रिया को ख़त्म कर घोषित योजनाओं को जल्द ही अमल में लाने की तैयारी में है। इसीलिए बजट सत्र को फरवरी की शुरुआत में ही रखने का फैसला लिया गया है यानि इस बार जल्द ही लागू हो जाएंगी बजट में घोषित योजनाएं।

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