सोलंकी बनाएंगे सुखना ईको सैंसटिव जोन पर एकराय
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-पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी से पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ के बीच विवाद को निपटाने का किया आग्रह

चंडीगढ़।
सुखना वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी के इर्द-गिर्द ईको सैंसटिव जोन तय करने में अब राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी अहम भूमिका निभाएंगे। पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने कप्तान सिंह सोलंकी से आग्रह किया है कि वह पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ के बीच ईको सैंसटिव जोन तय करने पर एकराय बनाएं।
ईको सैंसटिव जोन की घोषणा पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ के बीच आपसी खींचतान के कारण लंबे समय से अधर में लटकी हुई है। पंजाब ने जहां अपने क्षेत्र में महज 100 मीटर दायरे को ईको सैंसटिव जोन घोषित करने का ऐलान किया है तो चंडीगढ़ प्रशासन अधिकत्तम 2.75 किलोमीटर के दायरे को ईको सैंसटिव जोन घोषित करने पर कायम है जबकि हरियाणा ने अभी तक दायरा घोषित करने में कोई पहल नहीं की है।  ऐसे में जबकि कप्तान सिंह सोलंकी पंजाब व हरियाणा के राज्यपाल हैं व उनके पास चंडीगढ़ प्रशासक का जिम्मा भी है तो पर्यावरण मंत्रालय की कोशिश कप्तान सिंह सोलंकी के जरिए तीनों प्रदेशों में ईको सैंसटिव जोन पर एकराय बनाने की है ताकि जोन की जल्द से जल्द घोषणा हो सके।
पिंजौर के जटायु प्रजनन केंद्र पहुंचे केंद्रीय पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्री प्रकाश जावेड़कर के मुताबिक सुखना वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी की हद पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ से लगती है, इसीलिए इसकी घोषणा तीनों प्रदेशों की साझा सहमति से ही होगी। इसीलिए राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी से आग्रह किया गया है कि वह प्रदेशों की साझा सहमति बनाने की पहल करें ताकि जोन की जल्द से जल्द घोषणा हो सके।
उधर, चंडीगढ़ प्रशासनिक उच्चाधिकारियों की मानें तो इस मसले पर राज्यपाल सोलंकी ने पंजाब व हरियाणा के मंत्री स्तर पर जबकि चंडीगढ़ में एडवाइजर के स्तर पर रिपोर्ट तलब की है। तीनों प्रदेशों के स्तर पर राज्यपाल को ईको सैंसटिव जोन का विस्तृत ब्यौरा दे दिया है। साथ ही ईको सैंसटिव जोन पर केंद्र सरकार की शर्तों व इसकी पेचीदगियों से भी अवगत करवा दिया गया है। संभव है जल्द ही जोन पर साझा सहमति बन पाएगी। 
 

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