#सोनम_गुप्ता_बेवफा_है या नहीं लेकिन 9 साल में 4 बार बादल हुए बेवफा 
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-2007 से 2016 के बीच 4 बार मानसून निकला दगेबाज

-2014 में सबसे कम माइनस 58 फीसदी रही बारिश

एम4पीन्यूज|चंडीगढ़
9 साल में 4 बार दगेबाजी। जी हां, मानसून के दौरान चंडीगढ़ पर छाए बादलों की यही हकीकत रही है। 2007-2016 के दौरान मानसून की बात करें तो चंडीगढ़ में 4 बार मानसून के दौरान कम बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि महज 2 बार बादल थोड़ा मेहरबान रहे। 4 बार बारिश की फुहारों का मिजाज सामान्य रहा।
2014 में चंडीगढ़ ने मानसून के दौरान सबसे ज्यादा सूखे की मार झेली, इस साल सबसे कम माइनस 58 फीसदी बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि 2010 झमाझम बारिश वाला रहा, इस साल सबसे ज्यादा 1200 एम.एम. के आसपास बारिश रिकॉर्ड की गई।
1988 में हुई सबसे ज्यादा बारिश
1971 से 2016 के बीच की बात करें तो 1988 का मानसून चंडीगढ़ पर सबसे ज्यादा मेहरबान रहा। इस वर्ष 1600 से 1800 मिलीमीटर के बीच बारिश रिकॉर्ड की गई। इतने सालों में 13 साल ऐसे भी रहे, जब झमाझम बारिश हुई लेकिन 12 साल कम बारिश यानी सूखा भी रहा जबकि 20 साल सामान्य बारिश दर्ज की गई।
2016 के मानसून में 
2016 में भी बादल मेहरबान नहीं हुए। इस साल सामान्य 844.2 एम.एम. बारिश की तुलना केवल महज 456.2 एम.एम. बारिश दर्ज की गई। पूरे मानसून के दौरान महज 16 दिन अच्छी बारिश हुई जबकि 27 दिन कम बारिश वाले रहे। वहीं, बाकी दिन या तो बारिश नहीं हुई या इतनी कम हुई कि रिकॉर्ड पर नहीं आ सकी। 22 अगस्त का एक दिन ही रहा, जब 61.1 एम.एम. बारिश दर्ज की गई। इससे पहले 23 जुलाई को 53.3 एम.एम. बारिश दर्ज की गई थी।

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