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– 60 किलो अफीम देने पर ही मिलेगा लाइसेंस

– भारत सरकार का नया फरमान

एम4पीन्यूज।नई दिल्ली:
भारत सरकार अफीम की पैदावार में इजाफा करवाना चाहती है। जी हां, केंद्रीय राजस्व विभाग की अधिसूचना तो कुछ ऐसी ही हकीकत बयां करती है। हाल ही में जारी अधिसूचना में कहा गया है कि वर्ष 2017-18 में राजस्थान व मध्यप्रदेश में केवल उन्हीं किसानों को अफीम की खेती का लाइसेंस दिया जाएगा, जो किसान 2016-17 के दौरान अपने खेत में प्रति हैक्टेयर जमीन पर न्यून्तम औसत 60 किलोग्राम की उपज देंगे जबकि उत्तरप्रदेश के किसानों को 54 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर न्यून्तम औसत उपज देना जरूरी होगा।
इससे पहले तक केंद्रीय राजस्व विभाग राजस्थान व मध्यप्रदेश के किसानों से प्रति हैक्टेयर न्यून्तम औसत उपज 58 किलोग्राम ही लेता रहा है जबकि उत्तरप्रदेश के किसान प्रति हैक्टेयर औसत 52 किलो अफीम की उपज देते रहे हैं। यह सिलसिला कई सालों से जारी है। और तो और 2015-16 के दौरान सर्दी व अच्छी बारिश से महरूम रहने के कारण केंद्रीय राजस्व विभाग ने मध्यप्रदेश से राजस्थान से प्रति हैक्टेयर औसत 49 किलोग्राम व उत्तरप्रदेश के किसानों से औसत 47 किलोग्राम अफीम को भी स्वीकार किया था। यह अलग बात है कि इस बार सरकार ने अगले वर्ष के लाइसेंस को लेकर पूर्व चेतावनी के तहत अफीम की उपज में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है।
अफीम में मिलावट बर्दाश्त नहीं
अफीम में मिलावट को लेकर भी केंद्रीय राजस्व विभाग ने सख्त तेवर अख्तियार किए हैं। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे किसान जिनकी अफीम गाजीपुर अथवा नीमच के राजकीय अफीम कारखाने द्वारा मिलवाटी घोषित की जाएगी या घटिया अफीम की श्रेणी में रखी जाएगी, उन्हें 2017-18 में लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। अफीम के मिलवाटी या घटिया होने का पैमाना इस प्रकार होगा-यदि अफीम की मार्फिन सघनता शुष्क आधार पर 9 प्रतिशत से कम हो या अफीम में राख 4.5 प्रतिशत से अधिक हो। इसी कड़ी में यदि अफीम में स्टॉर्च, गोंद, चीनी, टेनिन, मिल्क पाउडर मौजूदा पाया गया तो उसे मिलावटी या घटिया माना जाएगा।
2011 के बाद अफीम पैदावार में आई काफी गिरावट
2011 के बाद भारत में अफीम की पैदावार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। बेशक मौजूदा समय में एक बार फिर से पैदावार बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन 2011 में 794000 किलोग्राम अफीम की पैदावार हुई थी, जो 2013-14 तक आते-आते लगभग आधी रह गई। 2012-13 में जहां 371000 किलोग्राम अफीम पैदा हुई वहीं 2013-14 में यह कम होकर 318000 किलोग्राम रह गई।
मध्यप्रदेश में होती है सबसे ज्यादा अफीम की पैदावार
अफीम की खेती सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में होती है। 2011 में अकेले मध्यप्रदेश में 422000 किलोग्राम अफीम पैदा हुई जबकि राजस्थान में 371000 किलोग्राम अफीम पैदा हुई। मध्यप्रदेश व राजस्थान देश की कुल अफीम पैदावार में 80 से 90 फीसदी की भागीदारी देते हैं।
भारत में यहां पैदा होती है अफीम
-उत्तरप्रदेश
बाराबंकी
लखनऊ
फैजाबाद
रायबरेली
गाजीपुर
मऊ
शाहजहांपुर
बदायूं
बरेली
-मध्यप्रदेश
नीमच
मन्दसौर
रतलाम
शाजापुर
राजगड
उज्जैन
-राजस्थान
बांरा
कोटा
झालावाड़
भीलवाड़ा
चितौडग़ढ़
प्रतापगढ़

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