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एम4पीन्यूज़,चंडीगढ़।

चंडीगढ़ में अभी तक सबसे सस्ती शराब मिलती थी लेकिन अगले फाइनेंशियल ईयर 2016-17 में यहां इतनी महंगी शराब होगी कि लालपरी के शौकीनों के लिए पंजाब और हरियाणा से शराब खरीदना ही मुनासिब होगा। हालांकि अभी प्रशासन ने एक्साइज पॉलिसी अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए जारी नहीं की है, लेकिन शराब के रेट बढ़ने तय हो गए हैं।
इसका कारण है पंजाब की एक्साइज पॉलिसी फाइनल होकर टेंडर प्रोसेस भी पूरा हो गया है और अलॉटमेंट ही ठेकों की होनी है। हरियाणा की पॉलिसी भी फाइनल है। इसी के चलते इस बार चंडीगढ़ में शराब के रेट बढ़ेंगे। इसका दूसरा कारण ये कि अगर हाईकोर्ट प्रशासन के स्टेट हाईवे को मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड बनाने के फैसले पर स्टे नहीं लगाता है तब भी नेशनल हाईवे और मध्य मार्ग (इसको ही सिर्फ स्टेट हाईवे छोड़ा गया है) के पास करीब 23 ठेके बंद हो जाएंगे। रेवन्यू के चक्कर में भी एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई जाएगी। इसका असर शराब के रेट पर पड़ेगा।

प्रशासन की तैयारी ये :
प्रशासनने अपने स्तर पर पॉलिसी तैयार कर ली है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही फाइनल किया जाएगा। अगर हाईकोर्ट प्रशासन के फैसले के पक्ष में आदेश देता है और याचिका को खारिज करता है तो करीब 80 ठेके खुलेंगे जो स्टेट हाईवे से मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड के पास भी खुल सकेंगे। अगर हाईकोर्ट मामले में प्रशासन के फैसले के खिलाफ आदेश देता है तो ज्यादा से ज्यादा 25 शराब के ठेके ही चंडीगढ़ में खुल पाएंगे।

ये है मामला:
सुप्रीमकोर्ट ने आदेश दिए कि नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में कोई भी शराब के ठेके नहीं खुलेंगे। इसके बाद प्रशासन ने 84 ठेकों को बचाने के लिए मध्य मार्ग को छोड़ कर बाकी सभी स्टेट हाईवे(वी-1, वी-2 और वी-3) के नाम बदलकर मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड कर दिए। एराइव सेफ संस्था की तरफ से पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में प्रशासन के इस फैसले को चुनौती दी गई। जहां पर अब सुनवाई के बाद कोर्ट ने ऑर्डर रिजर्व किए हैं।

1 अप्रैल पर कन्फ्यूजन :
1अप्रैल से नया फाइनेंशियल ईयर शुरू हो रहा है। इसी दिन से नई एक्साइज पॉलिसी लागू होती है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी इसी दिन से लागू होने हैं। अब कन्फ्यूजन चंडीगढ़ में ये कि एक्साइज पॉलिसी फाइनल नहीं है। ठेके कितने खुलेंगे और कितने बंद होंगे ये तय नहीं। क्योंकि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में मामला पेंडिंग है। ऐसे में 1 तारीख से होगा क्या इस बारे में कुछ पता नहीं। वैसे यह फाइनल है कि पंजाब की एक्साइज पॉलिसी फाइनल होकर टेंडर प्रोसेस भी पूरा हो गया है और अलॉटमेंट ही ठेकों की होनी है। इस कारण चंडीगढ़ में शराब महंगी हो सकती है। क्योंकि हर बार ऐसा हुआ है कि चंडीगढ़ में पहले पॉलिसी लागू हुई है और उसके बाद पंजाब में। इससे पंजाब में शराब के रेट बढ़ते आए हैं। लेकिन इस बार उलट है।

रॉयल ब्रांड होंगे ज्यादा महंगे :
इस पॉलिसी के हिसाब से सबसे ज्यादा फर्क ब्लेंडर प्राइड, सिग्नेचर, रॉयल स्टैग जैसे ब्रांड की शराब के रेट पर पड़ेगा। दरअसल इस बार प्रशासन ने पहले ही मिनिमम रेट प्राइस शराब का फिक्स कर दिया है। अभी ब्लेंडर प्राइड शराब की बोतल जहां 450 रुपए में आ जाती हैं वहीं अगले वित्त वर्ष में इस शराब का मिनिमम रेट ही 540 रुपए होगा यानि इससे कम में कांट्रेक्ट ये शराब बेच ही नहीं सकते हैं। इसमें 400 रुपए तक की जो पेटी लिकर कांट्रेक्टर्स को मिलेगी उस पेटी से शराब की एक बोतल 220 रुपए से कम के रेट पर कांट्रेक्टर नहीं बेच सकेगा।

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