क्या हुआ जब दे मारी हजारों की ‘चिल्लर’ कैश काऊंटर पर
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-काले बाजार पर नकेल डालने को हमने पीटी ताली

-लेकिन हरिया भूखा सोया और मां को तोड़ना पड़ा बेटे का ‘पिग्गी बैंक’

एम4पीन्यूज, चंडीगढ़।

बहरहाल अाज सुबह एक शॉपिंग स्टोर में जब शॉपिंग करने एक दंपति पहुंचा तो उन्हें इतना इत्मेनान था कि हम तो प्लासिटक मनी धारक है हमें क्या दिक्कत आएगी, लेकिन अड़चने तो बांहे पसारे खड़ी थी क्योंकि यूको बैंक, एसबीआई बैंक व अन्य सरकारी बैंकों के डेबिट व क्रेडिट कार्ड नहीं चल रहे थे। अब क्या करें, पत्नी को चढ़ा गुस्सा, घर गई और तोड़ दिया बेटे का पिग्गी बैंक, चिल्लर उठा लाई। स्टोर वालों से पूछा कैश लोगे नहीं, कार्ड चलता नहीं, चिल्लर चलेगी। जवाब मिला हां, दीजिए। पलट दी हजारों की चिल्लर कैश काऊंटर पर। और स्टोर कैशियर से बिल के लायक चिल्लर गिनवाई। पास खड़े अन्य ग्राहक बोले बस मोदी ने ये ही दिन दिखाने थे, दिखा दिए। बन गए हम  चिल्लरबाज। 

500-1000-rupees-note-banned-funny-photos

कहीं सुना था कि मां लक्ष्मी जी कहती हैं कि उन्होंने खुद को कभी डस्टबीन में नहीं देखा लेकिन गत रात के आठ बजे के बाद मां लक्ष्मी जी मोदी ने गल्तफहमी दूर कर दी। 500 के नोट के टॉयलेट पेपर से लेकर भाजी रोल और न जाने क्या क्या, सब खेल डाला सोशल मीडिया धारियों ने। तमाम तंज कंसे गए, तमाम लोगों ने तालियां पीटीं और गालियां बकीं लेकिन इन सब के बीच कोई था जो भूखा सोया, भूख से तड़प कर, रोजमर्रा दिहाड़ी करने वाला मजदूर हरिया। 

Hariya slept hungry after 500 1000 rupees ban

Hariya slept hungry after 500 1000 rupees ban

हरिया चिल्लरबाज नहीं था, उस को नहीं मालूम था कि उसके मालिक ने जो अाज खुश होकर उसे 500 का नोट थमाया है उसे मोदी सरकार ने बेकार करार दे दिया है। वो तो रोजाना की तरह ही ढ़ाबे पर रोटी खाने गया और रोटी नहीं मिली, तब पता चला कि हरिया का तो उसके मालिक ने चप्पू बना दिया है। अब हरिया क्या करे मोदी जी, है कोई जवाब। बेचारा भूखे पेट सोया और अाज भी जब तक उसे पूरे दिन की दिहाड़ी नहीं मिलती वो भूखा सोएगा। 

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