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एम4पीन्यूज़,दिल्ली ।

आज यानि कि वीरवार को शोमैन राजकपूर की फिल्में मेरा नाम जोकर और संगम के शो के साथ इस सिंगल स्क्रीन सिनेमा हाल का पर्दा हमेशा के लिए गिर जाएगा। राजकपूर के संवाद जब फिर से हाल में गूंजेंगे तो हर दरो-दीवार, खिड़कियां, दरवाजे, सीढ़ियां, कुर्सियां जैसे चौंक कर जाग उठेंगी। जैसे कि उनकी आखिरी इच्छा किसी ने सुन ली हो। वर्ष 1931 में बने रीगल का राजकपूर से गहरा नाता था।

कहते हैं कि रीगल को विशिष्ट पहचान दिलाने में राजकपूर का बड़ा योगदान था। उनकी सभी फिल्मों का प्रीमियर इसी सिनेमाहाल में हुआ। प्रीमियर पर राजकपूर परिवार के साथ मौजूद रहते थे। वह ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ की रिलीज के मौके पर वर्ष 1978 में आखिरी बार यहां आए थे। राजकपूर और नरगिस ने रीगल के फैमली बॉक्स में बैठ कर कई फिल्में देखी हैं।

एकाउंटेंट अमर सिंह वर्मा वर्ष 1970 को याद करते हुए बताते हैं कि मेरा नाम जोकर फिल्म के टिकट कई दिनों पहले ही बुक हो गए थे। गर्व से बताते हैं कि वह राजकपूर के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने यहां राजकपूर को कई बार देखा, लेकिन कभी उनसे मिलने का मौका नहीं मिल सका। रीगल से राजकपूर के पिता पृथ्वीराज कपूर का भी जुड़ाव रहा है। पृथ्वीराज कपूर द्वारा निर्देशित व अभिनीत तीन नाटकों दीवार, पठान, गद्दार का मंचन यहीं हुआ था।

नाटकों के मंचन के बाद पाकिस्तान से आए शरणार्थियों के लिए पृथ्वीराज कपूर ने झोली फैलाकर चंदा भी मांगा था। राजकपूर के बाद उनके बेटे ऋषि कपूर की पहली फिल्म बॉबी का प्रीमियर भी इसी सिनेमा हाल में हुआ, तब टिकट में इनाम के तौर पर मोटरसाइकिल रखी गई थी। मोटरसाइकिल सिनेमाहाल के ही एक कर्मचारी ने जीती थी। जब रीगल के बंद होने की खबर सिनेप्रेमियों को मिली तो उन्होंने ईमेल और फोन करके आखिरी शो के तौर पर राजकपूर की फिल्म दिखाने को कहा।
एक बुजुर्ग ने रीगल प्रशासन को भेजे पत्र में कहा, ‘पृथ्वीराज कपूर के नाटकों से लेकर हाल के वर्षों तक इस सिनेमाहाल में कई फिल्में देखी हैं। यह जानकार गहरा धक्का पहुंचा है कि रीगल बंद हो रहा है।’ सिनेमाहाल से जुड़े लोग भी रीगल की अंतिम शाम को यादगार बनाने के लिए कपूर परिवार से किसी तरह इन फिल्मों के प्रिंट ले आए हैं।

रात दस बजे शुरू होगा संगम का शो :
रीगल में बृहस्पतिवार को फिल्लौरी के बाद 6:15 पर मेरा नाम जोकर और रात 10 बजे संगम का शो दिखाया जाएगा। इसके बाद 86 साल के सुनहरे दौर को समेटे हुए रीगल महज यादों में रह जाएगा।

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