नोटबन्दी के बाद महंगा हुआ आटा-दाल, इतना बढ़ा रेट
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नोटबंदी में आटा गीला!

एम4पीन्यूज|चंडीगढ़

नोटबंदी के बाद पूरे देश में रोजमर्रा की चीजों पर भी असर दिखने लगा है। लोग अपने हिसाब से चीजों को बेचने में लगे हैं। आटे के बाद अब चने की दाल के दाम भी बढ़ गए हैं।

केंद्रीय भंडारों पर भी सिर्फ 24 दिसंबर तक ही पुराने नोट चलेंगे। इसलिए हर कोई अपनी पुरानी करेंसी से इन चीजों को खरीदने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। आटा, दाल के अलावा कुछ खाद्य तेलों के भाव में भी इजाफा हुआ है।

बाजार में चने की दाल पर सबकी ज्यादा नजर है, क्योंकि बाजार में दाल की कीमत 140 रुपए किलो है, वो यहां सब्सिडी पर 88 रुपए किलो मिल जाती है। इसलिए 8 नवंबर से पहले रोज सौ किलो बिकने वाली चने की दाल इन दिनों रोजाना 300 किलो बिक रही है। जिस वजह से इसका असर दामों पर भी दिख रहा है। खाद्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 8 नवंबर से 21 नवंबर के बीच देश के कई शहरों में चने की दाल महंगी हो गई है।

चंडीगढ़, इलाहाबाद और आगरा में इसकी कीमत 10 रुपये बढ़ गई है। खाद्य मंत्रालय के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक 8 नवंबर से 21 नवंबर के बीच देश के 20 शहरों में चना दाल की कीमत 5 रुपये या उससे ज्यादा बढ़े हैं।

गिन्नी कंपनी का रिफाइंड 60 से बढ़कर 75 और गगन कंपनी का रिफाइंड 65 से बढ़कर 75 रुपये लीटर हो गया है। महाजन का कहना है कि जब होलसेल व्यापारी से रेट बढ़ने का कारण पूछा जा रहा है तो कहा जाता है कि पीछे से माल की शार्टेज है।

बता दें कि इसके पहले तक 21-22 रुपए किलो के भाव से बिकने वाला आटा अब 28-29 रुपए किलो में बेचा जा रहा है। केंद्रीय भंडार में अक्टूबर माह में 220 रुपए में 10 किलो के आटे के पैकेट की कीमत 280 रुपए तक हो गई है।

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