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सैलरी के दिन बैंकों में उमड़ी भीड़, बढ़ा कॅश क्रंच का असर

एम4पीन्यूज। चंडीगढ़

किशोर दा,,, ना खुश है जमाना आज पहली तारीख है, लेकिन नाराज नहीं, मोदी सरकार से नाराजगी नहीं है हां, अारबीआई की नीतियों से परेशान जरूर है। बावजूद इसके लाइन में खड़े लोगों का यही कहना है कि कोई बात लाइनों में खड़े है, चार दिन और हो जाएंगे लेकिन न हार मानेंगे, न मानने देंगे।

 

ना-खुश है जमाना अाज पहली तारीख है…लेकिन सरकार से नाराज नहीं…नौकरी करने वाले पूरे महीने मेहनत करने के बाद महीने के आखिरी दिनों में सबसे ज्यादा किस चीज का इंतजार करते हैं. जाहिर है अपनी सैलरी का. लेकिन नोटबंदी और कैशक्रंच के मौजूदा दौर में हालात कुछ ऐसे बन गए हैं कि सैलरी मोबाइल पर तो नजर आएगी, लेकिन हाथ में नहीं. दिसंबर महीने की शुरूआत से ही बैंक सैलरी बांटने की तैयारी शुरू कर देते हैं. ऐसे में बैंकों की तैयारी का जायजा लेने हम नोएडा अट्टा मार्केट के एचडीएफसी बैंक पहुंचे. यहां हालात तमाम और बैंकों से कुछ अलग नहीं मिले. जिन बैंकों में कैश है वहां सर्वर डाउन का बोर्ड लगा है और जहां सर्वर दुरूस्त है वहां कैश नदारद.
सैलरी अकाउंट में तो दिखती है, हाथ नहीं आ रही
नौकरीपेशा लोगों की जिंदगी महीने की पहली तारीख से शुरू होती है और महीने की आखिरी तारीख आते आते सांसे तोड़ने लगती हैं. आम लोगों की तनख्वाह की उम्र तो महीने के तीस दिन की भी नहीं होती. नोटबंदी के दौर में सख्ती का आलम ये है कि महीने भर मेहनत कर लोगों ने जिस सैलरी का इंतजार किया, वो उनके बैंक अकाउंट में तो है, लेकिन हाथों तक नहीं पहुंचती. हांलाकि नियमानुसार लोग अपने खाते से हर हफ्ते 24 हजार तक निकाल सकते हैं. लेकिन बैंक से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शहरी इलाकों में भी ज्यादातर बैंक की शाखाओं में बीस लाख प्रतिदिन से ज्यादा नहीं पहुंच रहे. ऐसे में बैंक क्या तो जरूरतमंद लोगों को कैश बांटें और क्या नौकरीपेशा की सैलरी.

लाइन में खड़े रहिए
अभी तो महीने की शुरुआत भी कायदे से नहीं हुई है. कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को सैलरी 7 से 10 तारीख तक भी देती हैं. अंदाजा लगाइए इन दस दिनों में बैंकों में क्या हालात होंगे. कुछ कंपनियां अपने कर्मचारियों को सैलरी का कुछ हिस्सा कैश देने की तैयारी भी कर रही थीं, लेकिन बाजार में कैश क्रंच इतना ज्यादा है कि कंपनियां हिम्मत करें तो भी कहां से.

सैलरी तो मिलेगी निकालना होगा मुश्किल
हालांकि केंद्र सरकार के दावों के अनुसार कर्मचारियों की सैलरी तो बैंकों तक पहुंच जाएंगी लेकिन लोगों का सवाल है कि इसे निकालेंगे कैसे क्‍योंकि सरकार के निर्देशों के अनुसार जहां एटीएम से निकासी की सीमा अब भी सिर्फ 2500 है वहीं बैंकों से निकाली जा सकने वाली रकम की सीमा भी हफ्ते में 24 हजार रुपए ही है।

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