इस गांव में अगर खेला जुआ और पी शराब, तो क्या है अंजाम आप सोचकर हो जाएंगे हैरान
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ऐसे हैं कमाल के रूल आप भी करेंगे सलाम

एम4पीन्यूज। चंडीगढ़

इस गांव अब अगर आप जुआ खेलते हैं या शराब पीते हैं तो ज़रा सम्भलकर। लाहौल-स्पिति के इस गांव में शराब पीने और जुआ खलेने पर सख्त सज़ा का फरमान है। इतना ही नहीं ऐसे करने वालों पर मोटा जुर्माना भी लगाया जाता है। लेकिन ये कायदे कानून सिर्फ नशे या जुए तक ही सिमित नहीं है। यहां और भी बहुत से ऐसे कानून हैं जो अपने आप में एक मिसाल हैं।

शिमला से करीब 400 किमी दूर लाहौल स्पीति जिले की ताबो पंचायत। इस पंचायत की कई खूबियां हैं। जो इसे सर्व श्रेष्ठ बनाती है। ताबो पंचायत में सफाई व्यवस्था बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई ऐसे कायदे कानून हैं। जिन्हें सुनकर आप भी चौंक जाएंगे। इस पंचायत में पेड़ कटान पर पूरी तरह से पाबंदी है। गांव वाले मोनिस्ट्री में जाकर पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने की कसम भी खाते हैं। पंचायत में शराब और जुए पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। शराब पिए हुए और जुआ खेलते हुए अगर कोई व्यक्ति मिलता है तो उस पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। पंचायत में किसी प्रकार का जातीय भेदभाव नहीं है।

प्रधान बनने के लिए 10 वीं पास होना जरूरी :
-ताबो पंचायत का प्रधान बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता तय की गई है।
-प्रधान पद के लिए वह ही व्यक्ति आवेदन कर सकता है तो कम से कम दसवीं पढ़ा हो।
-इसके अलावा पंचायत प्रधान का कोई भी रिश्तेदार ठेकेदार नहीं होना चाहिए।
-यदि कोई ठेकेदार है तो उसके रिश्तेदार के पंचायत प्रधान बनते ही उसे ठेकेदारी की मनाही होती है।
-हिमाचल में अभी तक ऐसी कोई पंचायत नहीं है, जिसने यह तय कर रखा हो कि सिर्फ दसवीं पढ़ा-लिखा ही पंचायत प्रधान बन सकता है।

ज्यादा बैठकें अटेंड करने पर मिलता है इनाम :
-1200 के करीब जनसंख्या वाली ताबो पंचायत में होने वाली ग्राम सभा की बैठकों में गांव वाले बढ़चढ़ कर भाग लेते हैं।
-ग्राम सभा में सबसे अधिक उपस्थिती दर्ज करवाने वाले गांव को पंचायत की ओर से इनाम दिया जाता है।
-पंचायत में किसी प्रकार का जातीय भेदभाव नहीं है, गांव वाले मोनिस्ट्री में जाकर पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने की कसम भी खाते हैं।

पंचायत में शत प्रतिशत साक्षरता दर :
ताबो पंचायत में शत प्रतिशत साक्षरता दर है। पंचायत प्रधान डिचन आंगमो का कहना है कि पंचायत के आधीन आने वाले तीनों गांवों में सरकारी स्कूल हैं। जबकि ताबो गांव में ऐतिहासिक मोनेस्ट्री की ओर से कए 12 वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए प्राइवेट स्कूल भी है। स्कूल में छात्रों के रहने और खाने की भी व्यवस्था है। इसके अलावा अब ताबो में रोयोन संस्था की ओर से सबसे उंचाई वाले क्षेत्र में हेरिटेज रन मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। इससे भी ताबो की प्रतिष्ठा में बढोतरी हुई है।

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