एक तरफ शहीदों को सलामी, दूसरी तरफ सांसदों की बेशर्मी
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शहीदों के लिए दो मिनट मौन रखना भी ज़रूरी नहीं समझा

एम4पीन्यूज। चंडीगढ़

एक ओर नरगोटा में शहीद हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। तो दूसरी ओर हमारे नेता इन शहीदों की शहादत को भूल हंगामा करने से ज़रा भी नहीं चुके। जम्मू के नगरोटा में आतंकी हमले में दो अफसरों समेत 7 जवानों की शहादत पर पूरा देश गमगीन है। लेकिन संसद इस शहादत पर मौन रखने की बजाय, शहीदों को सलामी के देने की बजाय हंगामे में लगा रहा।
शहीदों की शहादत को सलाम :
नरगोटा आतंकी हमले में शहीद मेजर कुणाल गोसावी का शव उनके पैतृक घर महाराष्ट्र के पंढरपुर और हवलदार सुखराज सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक निवास पंजाब के गुरदासपुर पहुंचा। यहां अंतिम विदाई देने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

एक तरफ शहीदों को सलामी, दूसरी तरफ सांसदों की बेशर्मी

                                                                                                शहीदों को सलामी

पंढरपुर में सड़क शहीद कुनाल गोसावी के पोस्टरों से पटी हुई हैं तो वहीं लोग शहीद मेजर कुनाल ‘अमर रहें…’ जैसे नारे लगा रहे थे। बाकी के जवानों के भी शव आज उनके परिवारों के पास पहुंचाए जाएंगे, जहां सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, शहीद हवलदार सुखराज सिंह का शव गुरदास पुर पहुंचने पर लोगों का गुस्सा पाकिस्तान पर फूट पड़ा। लोगों ने ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद…’, ‘आतंकवाद मुर्दाबाद…’ और ‘ शहीद सुखराज सिंह अमर रहें…’ के नारे लगाए। शहीद सुखराज को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद सुखराज सिंह के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ा। उनकी आखों में आंसू थे। इसी बीच, बैंगलुरु में भी शहीद का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इससे पहले उन्हें सेना के जवानों ने आखिरी सलाम दिया।

एक तरफ शहीदों को सलामी, दूसरी तरफ सांसदों की बेशर्मी

                                                                                                     शहीदों को सलामी

एक तरफ शहीदों को सलामी, दूसरी तरफ सांसदों की बेशर्मी                                                                                  शहीदों को सलामी

संसद में शहादत पर भारी हंगामा :
संसद में पिछले कई दिनों से नोटबंदी को लेकर चल रहे हंगामे में बुधवार को शहीदों का मामला भी जुड़ गया। इस कारण दोनों सदनों नहीं चल सके। राज्यसभा में कांग्रेस ने नगरोटा में आतंकी हमले को लेकर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष ने नोटबंदी पर पीएम को बुलाने की मांग के साथ शहीद सैनिकों को श्रंद्धाजलि देने की मांग रखी।

गौरतलब है कि नगरोटा आतंकी हमले में आतंकियों से बहादुरी से सामना करते हुए मेजर कुणाल गोसावी, मेजर अक्षय गिरीश कुमार, ग्रेनेडियर राघवेंद्र सिंह, नायक चितरंजन देबर्मा, लांसनायक कदम संभाजी राव, राइफलमैन आसिन राय और हवलदार सुखराज सिंह शहीद हो गए थे।

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