यहां नहीं कोई धर्म या जाति, सब एक साथ करते हैं इस दर पर सजदा
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-हिन्दू-मुस्लिम यहां एक साथ करते हैं पूजा

एम4पीन्यूज। 

भगवान् में हर किसी की श्रद्धा होती है। हर कोई उसके दर पर सजदा करता है। हर सिर उसके आगे झुकता है। धर्म ने इंसानों के साथ ईश्वर को भी बाँट दिया है। साथ ही अलग उसके दर भी अलग हो गए हैं। हिन्दू मंदिर जाता है, मुस्लिम-मस्जिद, क्रिश्चन-चर्च तो सिख-गुरुद्वारे। लेकिन क्या आपने कभी ऐसे मंदिर के बारे में सुना है। जहां हिन्दू और मुस्लिम साथ में पूजा करते हों।

यहां नहीं कोई धर्म या जाति, सब एक साथ करते हैं इस दर पर सजदा

हिन्दू-मुस्लिम यहां एक साथ करते हैं पूजा

आज हम जिस शक्ति पीठ की बात कर रहे हैं वो भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान में है। कराची में बसे इस मंदिर की मान्यता बहुत है। कहा जाता है कि यह हिंगलाज देवी के नाम से प्रसिद्ध यह शक्ति पीठ 2000 साल पुराना है। इस शक्ति पीठ में सती माता के रूप में मां के दर्शन किए जाते हैं। कराची से 60 कि.मी की दूरी पर स्थित इसे स्थान को नानी का मंदिर या नानी का हज भी कहा जाता है।

यहां नहीं कोई धर्म या जाति, सब एक साथ करते हैं इस दर पर सजदा

यहां नहीं कोई धर्म या जाति, सब एक साथ करते हैं इस दर पर सजदा

यहां पर बड़े-बड़े अध्यात्मिक गुरू भी दर्शन करने के लिए आ चुके हैं। कहा जाता है कि भगवान राम भी रावण के वध के बाद यहां पर यज्ञ करवाने के लिए आए थे। यहां पर हिंदू और मुस्लिम दोनों पूजा करते हैं। हर साल यहां पर लाखों श्रद्धालु पूजा करने के लिए आते हैं।

यहां नहीं कोई धर्म या जाति, सब एक साथ करते हैं इस दर पर सजदा

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मंदिर का रास्ता
इस मंदिर का रास्ता बहुत कठिन है। इस कच्चे रास्ते पर कई नाले और कुंए आते हैं। पैदल चलने वाले इस रास्ते पर कोई सड़क नहीं है। फिर भी हर साल लोग भारी संख्या में यहां माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं।

यहां नहीं कोई धर्म या जाति, सब एक साथ करते हैं इस दर पर सजदा

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मंदिर की बनावट
हिंगला नदी के किनारे बसा यह मंदिर वैष्णों देवी के मंदिर जैसा है। यहां पर मां के दर्शन गुफा में किए जाते हैं। पहले नदी पर स्नान करने के बाद लोग यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यहां पर पहले गणेश जी के और बाद में हिंगलाज देवी के मंदिर के दर्शन होते हैं। यहां पर ब्रह्म कुंड और तीरकुंड नाम के दो कुंड भी हैं। यहां पर मां की पूजा सती रूप मेें की जाती है।

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