अगर हुए दो से अधिक बच्चे, तो भारत के इस राज्य में नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी!
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-असम में नई मसौदा जनसंख्या नीति

एम4पीन्यूज,असम|

तेजी से बढ़ती जनसंख्या देश के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गयी है. इसको लेकर सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से बीच-बीच में जागरुकता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं इसके बाद भी जनसंख्या में कमी आने के बचाए तेजी से बढ़ता ही जा रहा है.

जनसंख्या के मामले में भारत इस समय दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है और चीन नंबर एक पर मौजूद है. लेकिन जानकारों की मानें तो आने वाले कुछ सालों में भारत चीन को पछाड़कर आगे निकल जाएगा. चीन पहले से ही जनसंख्या पर लगाम लगाने के लिए अपने यहां नीति बना रखी है.

इधर अब देश के एक राज्‍य से जनसंख्या नियंत्रण को लेकर बड़ी नीति बनाये जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि असम सरकार ने अपनी बढ़ती जनसंख्या को रोकने के लिए बड़ा बदम उठाने जा रही है. असम की सर्वानंद सोनोवाल सरकार ने सुझाव दिया है कि दो से अधिक बच्चों वालों को सरकारी नौकरी न देने का नियम बनाया जाए.

असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि यह जनसंख्या मसौदा नीति है. हमने सुझाव दिया है कि दो से अधिक बच्चों वाले सरकारी नौकरी के पात्र नहीं होंगे. उन्होंने बताया कि अगर यह तय हो जाता है तो फिर इसे पूरा करने वाले को सेवाकाल तक मानना अनिवार्य हो जाएगा.

गौरतलब है कि बीजेपी के कई नेता दो से अधिक बच्चों पर बैन की मांग करते रहे हैं। सांसद गिरिराज सिंह, साक्षी महाराज और नजमा हेपतुल्ला (अब मणिपुर की राज्यपाल) इस तरह की मांग कर चुके हैं। 2003 में भी एनडीए शासन के दौरान सरकार एक संविधान संशोधन विधेयक लाने को तैयार थी, जिसके तहत दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्तियों को संसद या विधानमंडल चुनाव लड़ने या सदस्य होने पर प्रतिबंध की बात कई गई थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी दूसरे राज्यों में इस तरह की पहल कर सकती है।

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