भारत में नोटबंदी से बाकी देश कर रहे हैं कमाई, वो भी ऐसे…
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भारत में नोटों की छपाई से इन देशों का फायदा

एम4पीन्यूज|चंडीगढ़

केंद्र सरकार की ओर से की गई घोषणा के बाद पूरे देश में हलचल मच गई। हर कोई बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी लाइन में लगा हुआ है। हालांकि‍, पुराने नोटों को बंद कि‍ए जाने से कई लोग कैश से कैशलेस मोड में चले गए। आम जनता सरकार के इस फैसले से भले ही परेशान है। लेकि‍न सरकार के इस फैसले से कुछ देशों को डायरेक्‍ट और इनडायरेक्‍ट तरीके से फायदा पहुंच सकता है।

भारत में नोटों की छपाई से इन देशों का फायदा :
नोट छापने के लि‍ए कई स्‍तर के सि‍क्‍युरि‍टी फीचर्स, इंक और पेपर का यूज कि‍या जाता है। ऐसे में भारत को डेनमार्क से लेकर कुवैत तक की जरूरत पड़ती है। हालांकि‍, भारत मेड इन इंडि‍या करंसी की ओर जरूर बढ़ रहा है लेकि‍न अभी भी काफी हद तक भारत को दूसरे देशों पर नि‍र्भर रहना पड़ेगा। हर साल भारत करीब 22 हजार मीट्रि‍क टन (एमटी) वाटरमार्क पेपर्स का यूज करता है। आरबीआई ने जून 2016 को समाप्‍त साल के लि‍ए 21.2 अरब बैकनोट्स की सप्‍लाई की और इसकी प्रिंटिंग कोस्‍ट करीब 3,421 करोड़ रुपए आई है।होशंगाबाद में मौजूद सि‍क्‍युरि‍टी पेपर मि‍ल में नए नोटों की छपाई हो रही है लेकि‍न इस क्षमता करी 2,800 एमटी है जोकि‍ जरूरत के हि‍साब से काफी कम है। बाकी ब्रि‍टेन, जापान और जर्मनी जैसे देशों से मंगवाए जाते हैं।

प्‍लास्‍टि‍क मनी का बढ़ा इस्‍तेमाल :
पुराने नोटों के बंद कि‍ए जाने से प्‍लास्‍टि‍क मनी यानी डेबि‍ट कार्ड और क्रेडि‍ट कार्ड का इस्‍तेमाल तेजी से बढ़ा है। भारत में अधि‍कांश डेबिट और क्रेडि‍ट कार्ड वीजा और मास्‍टर कार्ड इम्‍पावर्ड होते हैं। ये दोनों ही कंपनि‍यां अमेरि‍का की हैं। इन दोनों कंपनि‍यों को इनडायरेक्‍ट तरीके से फायदा पहुंचेगा। जि‍तना ज्‍यादा इन कार्ड को यूज कि‍या जाएगा उतना ही इन कंपनि‍यों की इनकम और प्रॉफि‍ट बढ़ेगा।

एटीएम में बदलाव, चीन का फायदा :
अभी तक देश के 2 लाख एटीएम में से सिर्फ 22,500 ही नए नोट देने के लिए तैयार किए जा सके हैं। एटीएम को री-कैलिबरेट करना पड़ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबि‍क, मशीनों में नए पार्ट लगाए जाने हैं, जिनकी कमी के चलते दिक्‍कत आ रही है। एक वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, चीन से खरीद कर पार्ट्स भारत लाए जा रहे हैं।

POS और POS प्रिंटर मशीन का इंपोर्ट :
नोट बैन के बाद POS और POS प्रिंटर या बि‍लिंग मशीन की डि‍मांड तेजी से बढ़ रही है। भारत में इस्‍तेमाल होने वाली अधि‍कांश POS मशीनें या POS प्रिंटर मशीनों के पार्ट्स या पूरी यूनि‍ट्स अमेरि‍का और चीन से आती हैं। साइबर रि‍सर्च की रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, अमेरि‍का की कंपनी Epson की POS प्रिंटर मशीनों का भारत में इंपोर्ट 32 फीसदी बढ़ा है। इसके अलावा, POS मशीनों की मैन्‍युफैक्‍चरिंग के लि‍ए पार्ट्स को चीन से इंपोर्ट कि‍या जाता है।

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