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एम4पी न्यूज। दिल्ली

अमरीका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘वन चाइना’ नीति पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि चीन की तरफ़ से रियायतें मिले बग़ैर इसे जारी रखने का कोई मतलब नहीं बनता. ये नीति कई दशकों से अमरीका-चीन संबंधों का अहम आधार रही है. ऐसे में ट्रंप के बयान पर चीन में बवाल मचने की आशंका थी और ऐसा हुआ भी.

1. वन चाइना पॉलिसी का मतलब उस नीति से है, जिसके मुताबिक़ ‘चीन’ नाम का एक ही राष्ट्र है और ताइवान अलग देश नहीं, बल्कि उसका प्रांत है.
2. पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना (पीआरसी), जिसे आम तौर पर चीन कहा जाता है, वो साल 1949 में बना था. इसके तहत मेनलैंड चीन और हांगकांग-मकाऊ जैसे दो विशेष रूप से प्रशासित क्षेत्र आते हैं.
3. दूसरी तरफ़ रिपब्लिक ऑफ़ चाइना (आरओसी) है, जिसका साल 1911 से 1949 के बीच चीन पर कब्ज़ा था, लेकिन अब उसके पास ताइवान और कुछ द्वीप समूह हैं. इसे आम तौर पर ताइवान कहा जाता है.
4. वन चाइना पॉलिसी का मतलब ये है कि दुनिया के जो देश पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना (चीन) के साथ कूटनीतिक रिश्ते चाहते हैं, उन्हें रिपब्लिक ऑफ़ चाइना (ताइवान) से सारे आधिकारिक रिश्ते तोड़ने होंगे.
5. कूटनीतिक जगत में यही माना जाता है कि चीन एक है और ताइवान उसका हिस्सा है. इस नीति के तहत अमरीका, ताइवान के बजाय चीन से आधिकारिक रिश्ते रखता है. लेकिन ताइवान से उसके अनाधिकारिक, पर मज़बूत ताल्लुक़ हैं.
6. ताइवान ओलंपिक खेल जैसे अंतरराष्ट्रीय समारोह में ‘चीन’ का नाम इस्तेमाल नहीं कर सकता. इसकी वजह वो लंबे समय से ऐसे मंचों पर ‘चाइनीज़ ताइपे’ के नाम के साथ शिरकत करता है.
7. इस मुद्दे पर चीन का रुख़ स्वीकार करना चीन-अमरीका संबंधों का आधार ही नहीं, बल्कि चीन की तरफ़ से नीति-निर्माण और कूटनीति के लिए भी अहम है.
8. अफ़्रीका और कैरेबियाई क्षेत्र के कई छोटे देश अतीत में वित्तीय सहयोग के चलते चीन और ताइवान, दोनों से बारी-बारी रिश्ते बना और तोड़ चुके हैं.
9. इस नीति से चीन को फ़ायदा हुआ और ताइवान कूटनीतिक स्तर पर अलग-थलग है. दुनिया के ज़्यादातर देश और संयुक्त राष्ट्र उसे स्वतंत्र देश नहीं मानते. लेकिन इसके बावजूद वो पूरी तरह अलग नहीं है.
10. ज़ाहिर है कि यथास्थिति में चीन ज़्यादा ताक़तवर है और इस वजह से कूटनीतिक रिश्तों के लिहाज़ से ताइवान बैकफ़ुट पर है. ये देखना होगा कि ट्रंप का हालिया बयान क्या किसी बदलाव की आहट दे रहा है.

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Comments

  1. Peggy
    January 10, 2017 at 2:32 am

    I’m rellay into it, thanks for this great stuff!

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