नोटबंदी के बाद ऐसे बढ़े ऑनलाइन फ्रॉड के…
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बड़े नोट बंद हुए और बढ़ गई ऑनलाइन धोखाधड़ी

एम4पीन्यूज, चंडीगढ़

देशभर में 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं। सायबर सेल और क्राइम ब्रांच के पास बीते दो दिन में ऐसी शिकायतें बढ़ गई हैं। अब तक करीब दर्जनभर शिकायतकर्ता पुलिस को सूचना दे चुके हैं। आरोपी इतने शातिर हैं कि इंटरनेट से लोगों के मोबाइल नंबर, घर का पता, उनके व्यवसाय और बैंक खातों की जानकारी निकाल लेते हैं। फिर आरबीआई या बैंक अधिकारी बनकर फोन पर एटीएम कार्ड की जानकारी हासिल करते हैं। बाद में उनके खाते से ऑनलाइन खरीदी कर वारदात को अंजाम देते हैं।

साइबर अटैक से वाहनों को भी खतरा :
ईमेल के जरिये वायरस भेजकर साइबर अटैक आम है। इसके निशाने पर अभी तक इंटरनेट बैंकिंग व एटीएम समेत अन्य वित्तीय सिस्टम थे लेकिन अब इसका दायरा बढ़ने लगा है। साइबर अटैक से अब उन वाहनों को खतरा है जो कंप्यूटर के ज़रिये कण्ट्रोल होते हैं। ऐसे वाहन आ चुके हैं जिनमें 50 से अधिक प्रोसेसिंग (कंप्यूटराइज्ड व डिजिटल नियंत्रण) हैं। फिलहाल वाहन को ऑनलाइन हैक करने का मामला यूएसए में सामने आ चुका है।

साल 2016 में साइबर क्राइम की शिकायतें पिछले साल की मुकाबले 20 प्रतिशत बढ़ीं हैं। राष्ट्रीय आपराधिक रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के आधार पर इस बात की जानकारी मिली है। 2015 में साइबर अपराधों की 11592 शिकायतें हुई, वहीं 2014 में इनकी संख्या 9622 थी। साइबर क्राइम के अंतर्गत निजता का उल्लंघन करने वाले 117 अपराध दर्ज हुए। वहीं महिलाओं और बच्चों के प्रति आपत्तिजनक कंटेंट के प्रसार या वितरण की 792 शिकायतें दर्ज हुईं। इंडियन कम्प्यूटर रिस्पॉन्स टीम केे आंकड़ों की मानें तो 2016 में अब तक फिशिंग के 617 मामलों पर कार्रवाई की जा चुकी है। तकनीक के ज्यादा इस्तेमाल के चलते ऑनलाइन शिकायतें बढ़ रही हैं।

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