संसद में नोटबंदी का अनोखा विरोध, लहराया 2000 का नोट और बोले…
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संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू, नोट बंदी पर राज्यसभा में चर्चा

एम4पीन्यूज, चंडीगढ़।

चंडीगढ़ : नोटों की कमी के कारण परेशानियां बढ़ने के बीच आज संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया। राज्यसभा में नोटबंदी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। राज्यसभा में कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए नोटबंदी के फैसले को नादिरशाही करार दिया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से दुनिया भर में भारत की छवि खराब हुई है।

नोटबन्दी पर ममता का ‘मार्च’ :
नोटबंदी के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आज राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला। इस मार्च में शिवसेना भी शामिल हुई। शिवसेना की तरफ से सांसद अरविंद सावंत और गजानंद कीर्तिकर शामिल हुए हैं। इसके अलावा नेशनल कांफ्रेंस से उमर अब्दुल्ला, आप से भगवंत मान मार्च में शामिल हैं। भगवंत मान ने कहा केजरीवाल की तरफ से आया हूं।

नोटबंदी पर ममता का 'मार्च'

नोटबंदी पर ममता का ‘मार्च’

नहीं चल रहा 2000 का नोट :
सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने राज्यसभा में 2000 का नया नोट दिखाया और कहा कि इस नोट को कोई नहीं ले रहा है। वहीं रामगोपाल यादव ने कहा कि इसमें बड़ा घपला है। कोई भी अमीर लाइन में नहीं दिख रहा है। छोटे शहरों में कोई भी 2000 का नोट नहीं ले रहा है। ऐसा तो आपातकाल के दौरान भी नहीं हुआ, आम आदमी भिखारी बन गया है।

नहीं चल रहा 'नोट'

नहीं चल रहा ‘नोट’

पीएम से मांगा जवाब :
बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा कि राज्यसभा में प्रधानमंत्री को आकर नोटबंदी पर जवाब देना चाहिए। मैंने देखा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली दुखी दिख रहे हैं। वहीं सरकार का पक्ष रखते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि सारा देश सरकार के फैसले का स्वागत कर रहा है। कुछ लोगों को दिक्कत हो रही है। ईमानदारी का सम्मान हुआ है. गोपनीयता से बेईमानों को दिक्कत हुई।

विपक्ष की रणनीति :
मंगलवार को कांग्रेस के साथ विपक्षी दलों ने आज से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार को बड़े नोटों को अमान्य करने के उसके कदम पर घेरने की रजामंदी व्यक्त की हालांकि तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रपति भवन मार्च के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन सकी। इस मुद्दे पर आज इन नेताओं की फिर बैठक होगी ताकि इस बारे में रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सके। संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग समेत सभी संसदीय उपायों का उपयोग करने और सरकार को जवाबदेह ठहराने पर सहमति बनी।

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