अब तक के ऐसे बड़े ट्रेन हादसे, जिनमें बुझे सैंकड़ों घरों के चिराग
Reading Time: 2 minutes

अब तक बड़े ट्रेन हादसों पर एक नज़र

एम4पीन्यूज, चंडीगढ़

एक बार फिर ट्रैन एक्सीडेंट ने सैंकड़ों घरों के चिराग बुझा दिए। रविवार सुबह उत्तर प्रदेश में कानपुर देहात के पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास आज तड़के इन्दौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर जाने के कारण 100 यात्रियों की मौत हो गई और 200 से अधिक घायल हो गए। हादसा करीब सुबह 03.30 बजे उस समय हुआ जब ज्यादातर लोग सो रहे थे। इस हादसे की खबर सुनते ही कई बड़े ट्रेन हादसों की तस्वीर आंकों आगे घूम गई तो आइए आपको बताते हैं ऐसे ही देश की कुछ दर्दनाक रेल दुर्घटनाओं के बारे में…..

6 जून,1981
तूफान के कारण बिहार में ट्रेन कोसी नदी में गिर गई थी। इस हादसे में 800 यात्री मारे गए और 1000 से ज्यादा घायल हुए थे।

16 अप्रैल, 1990
पटना के निकट एक ट्रेन में आग लग गई, जिसमें 70 लोगों की मौत हो गई थी।

20 अगस्त, 1995
नई दिल्ली जा रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस कालिंदी एक्सप्रेस से फ़िरोजाबाद (यूपी) में टकरा गई। इस दुर्घटना में 250 की मौत हुई, जबकि 250 घायल हो गए।

3 अगस्त, 1999
दिल्ली जा रही ब्रह्मपुत्र मेल गैसल (पश्चिम बंगाल) में अवध-असम एक्सप्रेस से टकरा गई, इसमें 285 यात्रियों की मौत हुई थी और 312 घायल हो गए।

2 दिसंबर, 2000
कोलकाता से अमृतसर जा रही हावड़ा मेल दिल्ली जा रही एक मालगाड़ी से टकरा गई थी। इस हादसे में 44 की मौत हो गई, जबकि 140 घायल हुए थे।

12 मई, 2002
नई दिल्ली से पटना जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस पटरी से उतरी गई और इसमें 12 लोगों की मौत।

9 सितंबर, 2002
हावड़ा से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, इसमें 120 की मौत हुई थी और 150 घायल हो गए थे।

12 मई 2002
नई दिल्ली से पटना जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पटरी से उतरी गई, इसमें 12 लोगों की मौत।

जुलाई 2011
कालका मेल हादसे में 63 लोगों की मौत

दिंसबर 2013
बेंगलुरु नादेड़, एक्स .के. एसी कोच में आग, 26 की मौत

मई 2014
गोरखधाम एक्स.-मालगाड़ी की टक्कर, 22 की मौत

अगस्त 2015
मध्य प्रदेश के हरदा में दो ट्रेन हादसे, 31 लोगों की मौत

Recommend to friends
  • gplus
  • pinterest

About the Author

Leave a comment