PhD करने का सपना देख रहे युवाओं की बढ़ी मुश्किलें, UGC ने बदलें नियम
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एम4पीन्यूज|नई दिल्ली

जी हां, PhD करने का सपना देख रहे युवाओं की बढ़ी मुश्किलें, क्योंकि UGC ने बदलें नियम, तलख हो गए है यूजीसी के रवैये । पीएचडी करने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अब पीएचडी करना आसान नहीं रह जाएगा। क्योंकि हाल में ही यूजीसी यानि(विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने नए नियम अपनी वेबसाइट पर डाले हैं। जिनमें कहा गया है कि नियमों के मुताबिक ‘तृतीय श्रेणी संस्थान’ के तहत आने वाली संस्थाएं उन उम्मीदवारों को भर्ती करेगी, जिन्होंने पीएचडी के लिए NET या SELT या SET परीक्षाएं पास की हो। इन नियमों के संशोधन पर 15 जून तक फीडबैक दे सकते हैं।

गौरतलब है कि यूजीसी ने कुछ दिन पहले ही को ‘यूजीसी नियम-2017  को मंजूरी दी थी। इन नियम के अनुसार सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को विभिन्न श्रेणियों (I/II/III) में वर्गीकृत किया जाएगा।

यूनिवर्सिटी I 
यूजीसी के नए नियम के  अनुसार, यूनीवर्सिटी I के लिए यदि 3.5 या उससे अधिक के स्कोर के साथ NAAC द्वारा मान्यता प्राप्त हो गई है, या फिर उसने एनआईआरएफ के शीर्ष 50 संस्थानों में लगातार 2 साल तक रैंकिंग हासिल की हो।

यूनिवर्सिटी II
3.01  से 3.49 के बीच नैक स्कोर व 51 से 100 रैकिंग वाले संस्थानों को कैटेगरी II में रखा जाएगा।

यूनिवर्सिटीIII 
यूनिवर्सिटी III  वह ना तो श्रेणी , या किसी  श्रेणी II के अंदर नही आयेगी।  नए नियम केवल के  मुताबिक  जिन्होंने पीएचडी के लिए NET या SELT या SET परीक्षाए पास की हो। उन्हीं को पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए श्रेणी 3 संस्थानों में प्रवेश मिलेगा

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