जब इन “गांधी साहब” को “गांधी” जमा कराते “गांधी जी” याद गए, डाकखाने की महिला कर्मी की करतूत
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अापबीती

एम4पीन्यूज, पटियाला
इन दिनों 500 1000 के गैर चलन होने के बाद से कई एेसे किस्से सुनने में आए जिसमें सरकारी कर्मियों ने अपने निकम्मेपनों की कई उदाहरणें दिखाईं। उनमें से एक यह भी है, बावजूद इसके जबकि सरकार ने कह दिया है कि पुराने नोट जमा कराने के लिए अाधार कार्ड, पैन कार्ड या कोई भी एक सरकारी पहचान पत्र काफी है फिर भी इन महिला सरकारी कर्मी ने इन बुजुर्ग रिटायर्ड को तीन घंटे तक कुछ यूं परेशान किया कि दूसरे लोग जो डाकखाने में नोट बदलवाने आए थे, उन्हे अटैंड तक नहीं किया। इस अापबीती को हमारे पाठक ने बडे खूबसूरत ढंग से शब्दों में ढ़ाला है। पढिए और डाकखाने के सरकारी कर्मी थोड़ा शर्म कीजिए
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Comments

  1. L R Gandhi
    November 13, 2016 at 8:30 pm

    Jab tak yah noton par chhapta rahega tab tak ‘kala dhan’ our bhrashtachaar bdastoor zaari rahega …..
    gandhi par par us vkt birla ke 50/- roz kharch hote the ……prati bhaartiy aay 2 anna roz thi aur viseroy ki tankhvaah
    700/- prati maah thi…… gandhi ne desh ki satta chor-uchakkon ko soumpi …jinke kapde bhi videsh mein dry clean
    hote the …. roz ek zhaaz premika ko chithi dene britain srkaari khrch par jata tha

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