यह मशीन बुझाएगी सुखना झील की ‘प्यास’
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-सूख रही झील में मशीन के जरिए छोड़ा जाएगा ‘पीने लायक’ पानी

-सैक्टर-28 के टर्शरी ट्रीटिड जल घर में ट्रायल के लिए लगाई गई मशीन

-मशीन से शुद्ध किया गया पानी पीने योग्य

-ट्रायल के बाद झील के साथ सटे गोल्फ क्लब के पास तक आ रही टर्शरी वाटर की सप्लाई को शुद्धकर छोड़ा जाएगा झील में

एम4पीन्यूज, चंडीगढ़
सबकुछ योजना मुताबिक रहा तो आने वाले समय में सुखना झील का कोई भी हिस्सा सूखा हुआ नजर नहीं आएगा। झील बारह मास लबालब रहेगी। यह सब मुमकिन होगा, हर दिन सुखना में पानी की सीधे सप्लाई से। इसके लिए एडवांस तकनीक से लैस मशीन के जरिए टर्शरी वाटर को पीने लायक पानी जितना शुद्ध बनाकर उसे सुखना में छोड़ा जाएगा। ट्रायल के तौर पर सैक्टर-28 के टर्शरी ट्रीटिड जल घर में यह मशीन लगा भी दी गई है। अभी तक इस मशीन के जरिए शुद्ध किए गए पानी के काफी बेहतर नतीजे आए हैं।
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पानी में बी.ओ.डी का स्तर 1-2 पी.पी.एम.  
मशीन ऑपरेट करने वालों की मानें तो मशीन के जरिए शुद्ध किए गए पानी में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बी.ओ.डी.) का स्तर 1-2 पाट्र्स पर मिलियन (पी.पी.एम.) तक आया है। इतने बी.ओ.डी. के स्तर वाले पानी को विश्वस्तर पर पीने योग्य माना गया है। 3-5 पी.पी.एम. वाले पानी को आशिंक तौर पर शुद्ध जबकि 6-9 पी.पी.एम. के स्तर वाले पानी को दूषित पानी की श्रेणी में रखा जाता है। साफ है कि मशीन से निकले पानी को सीधे सुखना में छोड़ा जा सकता है।
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गोल्फ क्लब तक आ रही टर्शरी वाटर सप्लाई को किया जाएगा इस्तेमाल
ट्रायल के नतीजों को आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद ऐसी ही बी.बी. एन्वायरोटैक कंपनी की यह एडवांस मशीन गवर्नर हाऊस या गोल्फ क्लब के आसपास लगाने की पहल होगी। कंपनी के अधिकारियों की मानें तो इस मशीन में सीवरेज के पानी तक को पीने योग्य बनाने की क्षमता है। हालांकि चंडीगढ़ प्रशासन फिलहाल ट्रायल के तौर केवल टर्शरी वाटर को ही इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। पानी के नतीजे बेहतर हैं। उम्मीद यही है कि आधिकारिक स्तर पर जल्द ही इस मंजूरी मिल जाएगी, जिसके बाद सुखना झील में पानी छोडऩे की पहल हो सकेगी।

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