जानिए कैसे टूट गई रियल एस्टेट की कमर, कितने गिर चुके हैं घरों के दाम
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एम4पीन्यूज चंडीगढ़।
नोटबंदी के बाद रियल एस्टेट सेक्टर की कमर टूट गई है, पहले तो किसी के पास कैश देने को है नहीं, जिनके पास है वो रियल एस्टेट में लगाने से डर रहे हैं। कलेक्टर रेट से अधिक मनमर्जी के दाम वसूलने वाले रियल एस्टेट सेक्टर पर नोटबंदी की भारी मार पड़ी है। शायद यही कारण है कि फिलहाल दाम पहले के मुकाबले में 30 फीसदी तक कम हो गए हैं। इस सेक्टर के एक्सपर्टस की मानें तो अगले दो साल तक इसका असर रहने वाला है और रियल एस्टेट पर मंदी का दौर जारी रहेगा।
अगर बात करें चंडीगढ़, दिल्ली, मुंबई व अन्य मैट्रो स्टेशंस की तो जो सेक्शन कल तक थ्री बीएचके फ्लैट का दाम 70 लाख रुपए से कम करने को तैयार नहीं थे वो अाज वही फ्लैट 40 लाख रुपए तक बेचने के लिए लोगों के आगे पीछे चक्कर लगा रहे हैं। करोड़ों की इनवेस्टमेंट वाला ये सेक्टर एक दम से सूखे की और बढ़ गया है।
सरकार के नोटबंदी के फैसले का चौतरफा असर देखने को मिल रहा है। बाजार के हर क्षेत्र पर इसका प्रभाव है। अर्थशास्त्रियों की मानें तो सरकार के इस फैसले का भविष्य में सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। हालांकि, सबसे तेजी से रियल स्टेट बिजनैस पर इसका देखने को मिल सकता है।

देश के 42 शहरों में मकानों की कीमत 30 प्रतिशत तक कम हो सकती है। फर्म का कहना है कि इससे 2008 के बाद डिवैल्पर्स द्वारा बेची गई और अनबिकी आवासीय संपत्तियों का बाजार मूल्य 8 लाख करोड़ रुपए से भी अधिक घट जाएगा।

मुम्बई में आएगी सर्वाधिक गिरावट 
कुल मार्कीट वैल्यू में 2,00,330 करोड़ की सर्वाधिक गिरावट मुम्बई में आएगी। इसके बाद बेंगलूरू में 99,983 करोड़ और गुडग़ांव में 79,059 करोड़ की गिरावट आ सकती है। भारत में रियल एस्टेट सैक्टर का कुल मूल्य 39,55,044 करोड़ बताया जाता है। इसमें 8,02,874 करोड़ की कमी आने से यह 31,52,170 करोड़ का रह जाएगा।

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