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-मुम्बई में हुआ अनोखा ‘ऑपरेशन’

एम4पीन्यूज, 

भोपाल की रहने वाली 48 साल की सीमा शुक्ला को एक बेहद दुर्लभ बीमारी थी। इसकी वजह से उन्हें खुद अपनी ही किडनी खुद को ‘डोनेट’ करनी पड़ी। सुनने में ये थोड़ा अजीब लगे लेकिन बात बिलकुल सही है। वे देश की उन चुनिंदा मरीजों में से एक हैं, जिनका ऑटो रेनल ट्रांसप्लांट हुआ है। इसके तहत, उनके किडनी को उनके शरीर के मूल स्थान से अलग किया गया। उसे रिपेयर किया गया और बाद में वापस से शरीर में ही किसी दूसरी जगह लगा दिया गया।

सीमा का इलाज करने वाले जसलोक हॉस्पिटल के डॉक्टर मदन बहादुर ने बताया, ‘हमें कहा गया कि या तो उसे पूरी जिंदगी डायलिसिस पर रहना होगा या किडनी ट्रांसप्लांट होगा। लेकिन हमने जब यहां टेस्ट कराया तो पाया कि उसकी लेफ्ट किडनी पूरी तरह से खराब नहीं हुई।’ किडनी के बायोप्सी से पता चला कि उसमें अब भी काम करने की क्षमता है। हालांकि, बीते दो महीने से उस किडनी से मूत्र की एक बूंद तक पास नहीं हुई थी।’ आसान शब्दों में कहें तो सीमा की समस्या एक बंद हो चुकी धमनी थी, जिसकी वजह से खून उनकी लेफ्ट किडनी में नहीं बह रहा था।

सीमा के पति मदन मोहन शुक्ला ने बताया, ‘वह भोपाल गैस त्रासदी झेल चुकी है और उनकी राइट किडनी कई सालों से क्षमता से कम काम कर रही थी। मई महीने में इन्फेक्शन के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उसके बाद ही हमें पता चला कि उसकी दोनों किडनी फेल हो चुकी हैं। वह एक स्थानीय अस्पताल में एक महीने रही और वहां कई बार उसकी डायलिसिस हुई। इसके बाद उन्होंने हमें मुंबई जाने के लिए कहा।’ जसलोक अस्पताल के डॉक्टरों ने फैसला किया कि सीमा का मामला ऑटो ट्रांसप्लांट के लिए बिलकुल फिट है। डॉक्टर ने बताया, ‘किडनी को उसकी वास्तविक जगह से हटाया गया। बाद में पेडू के इलाके में शरीर से दोबारा जोड़ दिया गया।’ ऑपरेशन के बाद सीमा अब पूरी तरह से नॉर्मल हैं।

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