पहले शर्त लगाई थी अब दिन रात है प्रेत का साथ
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एक सच्ची घटना

जब पैक का स्टूडेंट को लगा उसके पास भूत खड़ा है

हर रात दिन का डर- ये शर्त भारी पड़ी

अब चल रहा है शहर के एक साइकेटि्रस्ट के पास इलाज

एम4पीन्यूज. चंंडीगढ़।
किस्सा सिर्फ एक शर्त लगाने से शुरु हुआ था लेकिन अब शर्त एेसी भारी पड़ी है कि दिन हो कि रात प्रेत का साथ नहीं छूटता। बात है चंडीगढ़ के ही पैक में सीविल इंजीनियरिंग कर रहे 23 साल सक्षम की। जिसके पिता शहर के जाने माने डॉक्टर हैं और मां भी जानी मानी हस्ती हैं। इस खबर के लिखने तक हमसे सक्षम ने और उसके माता पिता ने यही अनुरोध किया है कि उनकी और उनके बेटे की पहचान सार्वजनिक न की जाए। इसी के चलते और माता पिता के दर्द को समझते हुए हमने ल़ड़के का नाम बदल दिया है। 
अाखिर क्या हुआ था 31 दिसंबर 2015 की रात को
सक्षम ने बताया कि वो और उसके हॉस्टल में रहने वाले दोस्त नाइट अाऊट के लिए उसके सेक्टर 16 सि्थत घर आए थे। कुछ देर मस्ती करने के बाद सब बाहर घूमने गए। रास्ते में दोस्तों में कुछ अलग करने की शर्त लगी। डेयर एंड ट्रूथ खेलना चाहा और किसी एक दोस्त ने सक्षम को शमशान घाट के अंदर जाकर वहां संस्कार हुई लाशों के पास से दस चक्कर लगाकर अाने को कहा। सक्षम को तकरीबन पौने एक बजे रात को शमशान के अंदर गया। 
राख के पास जाकर सक्षम ने जैसे ही चक्कर लगाने शुरू किए कि उसका पैर किसी चीज से टकराया और वो गिर गया और

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उसके सिर पर गहरी चोट आई। इससे पहले वो कोई अावाज करता या अपने दोस्तों को वहां बुलाता, सक्षम बेहोश हो गया। 
सक्षम के दोस्त अमन के अनुसार वो सक्षम को बाहर एक घंटे तक इंतजार करते रहे, हिम्मत करके जब वो अदर गए तो सक्षम राख के ऊपर बेहोश गिरा हुआ था। वो सब डर गए और उसे पीजीआई ले गए। अगली सुबह जब सक्षम को होश आया तो उसे याद नहीं था कि वो बेहोश कैसे हो गया लेकिन उस पल से ही उसे एक अंकल हमेशा दिखाई देते हैं जो उससे कुछ कहने की कोशिश करते रहते हैं।
सक्षम की मां बताती हैं कि पहले पहल तो हमें लगा कि शायद इस हरकत के बाद उसके दिमाग पर बेहोशी का असर है, लेकिन सक्षम बाथरूम जाते हुए भी ये कहता था कि अंकल अब बाथरूम में भी साथ आओगे क्या। सक्षम के पिता ने उसे साइकेटि्रस्ट के पास दिखाया। पीजीआई के साइकेटि्रस्ट ने सक्षम के कुछ होरमोनल टेस्ट किए, एमआरआई की। टेस्ट के बाद पता चला कि सक्षम को शर्त के रूप में एक बीमारी ने घेर लिया है जिसे हैलूिसनेशंस कहते हैं। 
तब से लेकर अब तक सक्षम और उसके वो अंकल का साथ बरकरार है। डॉक्टर की भरपूर कोशिशों के बावजूद सक्षम ठीक नहीं हुआ है। हां सक्षम ने उस अंकल को अपनी जीवनशैली का अब हिस्सा जरूर बना लिया है। 

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Comments

  1. hello
    November 8, 2016 at 1:24 pm

    hello

  2. LR Gandhi
    November 8, 2016 at 1:28 pm

    हमारे अंकल भी इसी रोग से पीडित थे।सपने में उन्हें एक बंदर दिखाई देता था ।यह रोग गहरी भय वृति और
    सैंसटिविटी का परिनाम है

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